भारत-जापान रिश्तों में नई रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय जापान यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा दी है। इस दौरान जापान ने भारत में अगले दस वर्षों में 10 ट्रिलियन येन (लगभग ₹5.3 लाख करोड़) का निवेश करने का वादा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने शिंकानसेन बुलेट ट्रेन पर एक साथ यात्रा की, जो दोनों देशों के तीव्र सहयोग का संकेत था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते (MoUs) हुए, जिनमें रक्षा, टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी, स्पेस रिसर्च और शिक्षा शामिल हैं। “इंडिया-जापान जॉइंट विज़न फॉर द नेक्स्ट डिकेड” की शुरुआत हुई, जो आने वाले दशक में दोनों देशों के रिश्तों का मार्गदर्शन करेगा। विशेष रूप से, जापान के 16 राज्यों के गवर्नर, या प्रीफेक्चर्स, ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की, जो राज्य-राज्य संबंधों का एक विशिष्ट उदाहरण है। यह दौरा साबित करता है कि भारत और जापान की साझेदारी सरकार से बाहर भी गहरी हो गई है, राजनीति, जनता और राज्यों में भी। यह संबंध आने वाले दशक में एशिया और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण होंगे।